प्राचार्य एस के श्रीवास्तव जी और मुद्गल परिवार
निर्णय लेने की अद्भुत क्षमता से भरपूर
दिशा निर्देशन एवं सामंजस्य से रहे हमेशा पूर।।
कर्मयोगी, जुझारूपन और अद्भुत प्रशासक।
पर ईर्ष्या और तृश्णा से रहे हमेशा दूर।।
के लिए प्राचार्य के वि न 1ए एफ एस गोरखपुर
दोनों ही जोड़ी ने अद्भुत श्रम लिखलाया है।
अपने ज्ञान और विवेक से विद्यालय को चमकाया है।
कर उपयोग कुशाग्र बुद्धि का ।।
डाक्टर और कलाकार बनाया है।।
मुद्गल सर एवं अनीता मैडम के लिए
कोइ खुश हैं तो कोई मजबूर है।।
विदा होना तो इस केवीएस का दस्तूर है।।
भले जुदा हम हो रहे, भले मन से रो रहे।
दिल से जुदा न होना, चाहे कितना भी हम दूर है।।
विदाई हेतु संदेश।।
नया आयाम नया किरदार फिर बनाना है।।
सरकारी मुलाजिम को हर फर्ज निभाना है।।
दुख तो होगा आपके जाने का।।
पर खुशी से संघर्ष को जीवन में लाना है।।
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