छात्रों के विजेता बनने पर समर्पित
जद्दोजहद थी लड़ने की,
इरादा था कुछ करने की।
पूरा किया है वो मुकाम,
उस ऊंचाई पर बस चढ़ने की।
जिनके हुनर में अय्यारी है।
जिनके जश्न की तैयारी है।।
दिल संभाल के बैठो दोस्तों।
क्योंकि अब विजेताओं की बारी है।।
जो भाग्य भरोसे जीता है।
वो हर मोड़ पर ठोकर खाता है।।
जो मेहनत और जज्बा दिखलाता है
हर शिखर कदमों में झुक जाता है।।
चाहे बोर्ड का, इम्तिहान हो।
या खेल का, मैदान हो।।
हर कोई विजेता है इसमें।।
ये हर जीत का, सम्मान हो।।
ये जीत की खुश्बू है, मेहनत का पसीना है।
इस खेल के मंदिर में, शोहरत का मदीना है।।
जो मुश्किलों से नहीं घबराया, पैरों से नहीं लड़खड़ाया।
वो आसमां की बुलंदी का, नायाब नगीना है।।
गर उम्मीद और जज्बात हो,
मन में हर पल सवाइलात हो।
वह कैसे नाकामयाब हो सकता है।
गर भरोसा तेरे साथ हो।।
कभी कभी मेर दिल में।।
चेहरे की रवानिया कुछ तो कह जाएंगी
गाने की बोल का साज बन जाएंगी।
कुछ चेहरे मुस्कुराएंगे तो कुछ साथ निभाएंगे,
इन बच्चों की शरारत सबको हंसा जाएंगी।।
मेहनत हमेशा रंग लाती है।।
जीत एजज़्बात खुशियां बरपाती है।।
तुम कोई भी प्रतिभा दिखाओ।।
उत्साह और उमंग हर जीत दिला जाती है।।
सामंजस्य ही एकता की पहचान बनाती है।।
मुश्किलों में लड़ना वह हमें सिखाती है।।
उम्र और दमखम भले ही कमजोर हो।।
पर संगठन की ताकत हरजीत दिलाती है।।
बड़ी मुश्किल में ह पर इसका कोई गम नहीं।
जिंदगी की कोई हार रहबर से कुछ कम नहीं।।
उम्र से किसी की पहचान नहीं होती। में
हमें छोटा ना समझना हमारे किरदार भी कम नहीं।।
उसे परिणाम की तैयारी है।।
वह उड़ान की सवारी है।
कुछ लम्हा उनके लिए समर्पित।
क्योंकि अब विजेताओं की बारी है।।
उड़ान बाज की तरह हो तो कोई बात हो।
इरादे चट्टान की तरह हो तो कोई बात हो।।
हार सिर्फ नई सीख दिखलाती है।
हार मुकाबले की हो तो कोई बात हो।।
साहस और उत्साह यूं ही बढ़ जाए,
जब जय घोष विजेताओं की हो जाए।।
कोशिश हमेशा शिखर पर पहुंचने की हो तो,
हर पुरस्कार मुकाबले की अपना हो जाए।।
जिसने उम्मीद जगाया है।
जिसने रुतबा दिखलाया है।।
वो क्यों न विजेता होगा।
जिसने खूब पसीना बहाया है।।
हर खुशी चेहरे ने बयां कर गई।
विजे
ता बनने का एहसास सरेआम कर गई।।
स्वविवेक और अद्भुत ज्ञानी।
नहीं कोई अभिमानी।।
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